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कन्याकुमारी

लेखक की तस्वीर: Shashi Prabha
Shashi Prabha
26 जन॰
1 मिनट पठन

कन्याकुमारी - 

सर्वश्रेष्ठ पवित्र स्थलों में से एक कन्याकुमारी है कन्याकुमारी के दक्षिणी छोर में हिंद महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के संगम पर कन्याकुमारी बसा हुआ है । कन्याकुमारी की पूर्व दिशा में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में अरब सागर और दक्षिण में हिंद महासागर फैले हुए हैं । कन्याकुमारी से हम सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य साल के सभी दिनों में देख सकते हैं ।  सन 1957 से पहले कन्याकुमारी केरल राज्य का भाग था लेकिन 1957 में तमिलनाडु का हिस्सा बन गया ।भौगोलिक दृष्टि से कन्याकुमारी एक अंतरीप है जो तीनों और समुद्र से घिरा है । इस संगम पर इस भू लोक की रक्षा करने वाली कन्याकुमारी मां भगवती प्रतिष्ठित है । कन्याकुमारी में मां भगवती का मंदिर बना हुआ है जिसके हमें दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ लेकिन क्योंकि छाया चित्र लेना की अनुमति नहीं है इसलिए छाया चित्र नहीं लिये जा सके है।मंदिर बहुत सुंदर है। इस मंदिर का निर्माण पांड्या राजाओं के द्वारा हुआ । मां भगवती को पांड्या राजाओं की कुलदेवी भी माना जाता है।


मंदिर से समुद्र तट 200 मीटर दूरी पर स्वामी विवेकानंद  रॉक है । देवी की कृपा से काली माता के अनन्य भक्त विवेकानंद सन् 1892 में कन्याकुमारी पधारे थे । सन् 1892 में हिंदू धर्म पर व्याख्यान देने विदेश जाने के पूर्व विवेकानंद ने इस चट्टान पर बैठकर 3 दिन तक यहां समाधिस्थ हुए थे । इस ऐतिहासिक घटना की स्मृति में सन 1970 में इस स्मारक का निर्माण हुआ ।

 
 
 

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