श्री रामनाथ स्वामी जी के दर्शन के बाद
- Shashi Prabha
- 26 जन॰
- 1 मिनट पठन


आश्चर्यजनक बात यह है की सभी 22 तीर्थ कूपों का जल गर्म महसूस होता है ।
रामेश्वरम में रामनाथ स्वामी मंदिर के दर्शन करने के पश्चात जब हम धनुषकोडी के दर्शन के लिए निकलते हैं तब रास्ते में काफी मंदिर पड़ते हैं । भगवान नटराज का मंदिर,लक्ष्मण तीर्थम, राम कूप,सीताकूप आदि।

पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति -
यह मूर्ति 700 वर्ष पुरानी मानी जाती है । चने वाले बाबा के ट्रस्ट क्षेत्र में यह मूर्ति स्थापित है । सन 1964 में जब रामेश्वरम को सुनामी की ऊंची लहरों का सामना करना पड़ा तब धनुषकोडी में स्थित रामसेतु के पत्थर मलवे के साथ चने वाले बाबा को प्राप्त हुए। चने वाले बाबा ने इन पत्थरों को पंचमुखी हनुमान मंदिर की मूर्ति के क्षेत्र में ही स्थापित कर दिया यह पत्थर भक्तों में कौतूहल और आस्था का विषय बनते हैं ।




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