top of page

श्री रामेश्वरम

लेखक की तस्वीर: Shashi Prabha
Shashi Prabha
25 जन॰
2 मिनट पठन


रामेश्वरम-

मदुरई से रामेश्वरम की दूरी 180 किलोमीटर है । मदुरई से रामेश्वर  पहुंचने में  लगभग 3 घंटे का समय लग जाता है । रामेश्वरम बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर से  घिरा है। रामेश्वरम तमिलनाडु का एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ स्थल है जो चार धामों और 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है यहां पर भगवान राम ने लंका विजय के बाद भगवान शिव की पूजा के लिए  शिवलिंग की स्थापना की। यहां दो शिवलिंग है एक जिसे श्री राम ने स्थापित किया ' राम लिंगम' और दूसरा जिसे हनुमान जी लाए थे ' विश्व लिंगम ' भगवान राम को शिव की पूजा करनी थी इसलिए माता सीता ने रेत से ही शिवलिंग की स्थापना कर दी। दूसरी ओर श्री हनुमान जी भी शिवलिंग को अपनी कंधे पर उठाकर रामेश्वरम पहुंच गए ताकि भगवान राम शिवलिंग की पूजा कर सकें लेकिन हनुमान जी ने देखा की शिवलिंग तो पहले ही बनाकर के तैयार है तब से दोनों शिवलिंग की पूजा अर्चना करने की प्रथा है ।


रामेश्वरम रामनाथपुरम जिले में स्थित है यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है लंका विजय के बाद ब्रह्म हत्या के पाप से प्रायश्चित के लिए श्री राम ने यहां पर ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी । रामेश्वरम का वातावरण बड़ा आध्यात्मिक है यहां बड़ी शांति मिलती है विश्व प्रसिद्ध रामेश्वरम मंदिर का गलियारा 1000 स्तंभों वाला है जिसकी मूर्ति कला,स्थापत्य कला बड़ी सजीव है । मंदिर का गलियारा देखते ही बनता है आत्मा आध्यात्मिक शांति महसूस करती है । गलियारे को देखकर ऐसा लगता है कि  आंखें चौंधिया गई है ।मन बड़ा प्रसन्नता महसूस करता है ।

रामनाथ स्वामी मंदिर के दर्शन समुद्र में स्नान करने  के साथ शुरू होते हैं । मंदिर दर्शन के बाद मंदिर में स्थित 22 कूपों में स्नान करने की परंपरा है इन कूपों को 22 तीर्थ कहा जाता है । अग्नि तीर्थं में स्नान करना बड़ा महत्वपूर्ण माना जाता है। माना जाता है की लंका से लौटने पर भगवान श्री राम ने मां सीता की अग्नि परीक्षा ली थी इस अग्नि परीक्षा में अग्नि देव ने मां सीता का स्पर्श किया था प्रायश्चित स्वरूप अग्नि देव ने समुद्र स्नान किया और यह स्थान अग्नि तीर्थं कहलाता है रामेश्वर मंदिर मैं दर्शन की पूर्णता 22 तीर्थ में स्नान करने के पश्चात ही पूरी मानी जाती है।

 
 
 

टिप्पणियां


Post: Blog2 Post
bottom of page